UGC एक्ट पर बवाल: मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान- "जातिवाद की राजनीति करने वाले अब दंगाइयों के हमदर्द बन गए हैं"
UGC एक्ट पर बवाल: मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान- "जातिवाद की राजनीति करने वाले अब दंगाइयों के हमदर्द बन गए हैं"
गोरखपुर/लखनऊ :-
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' को लेकर उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में मचे सियासी बवाल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी है। जहाँ एक तरफ सवर्ण समाज और विपक्षी दल इन नियमों को 'भेदभावपूर्ण' बता रहे हैं, वहीं सीएम योगी ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि जो लोग विकास में बाधा डालना चाहते हैं, वे ही जातिवाद का सहारा ले रहे हैं। इसका कोई साफ मतलब तो नहीं निकाल सकते क्योंकि योगी जी ने अपना बयान दो टुक में दिया है इसका कोई साफ जवाब नहीं दिया
जातिवाद बनाम विकास: सीएम योगी का प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 'जाति' के नाम पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। उन्होंने कहा, "जो लोग जातिवाद की राजनीति करते थे, वे अब दंगाइयों के हमदर्द बन गए हैं। जब सरकार ने दंगाइयों को खदेड़ दिया, तो उनके ये संरक्षक अब नाखुश हैं और नए-नए बहाने खोज रहे हैं"।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र पर काम कर रही है और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि आज यूपी में बेटियाँ और व्यापारी सुरक्षित हैं क्योंकि हमने जातिवाद के जहर को खत्म किया है। योगी जी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा हम जातिवाद को ही जड़ से उखाड़ फेंकेंगे उन्होंने कहा कुछ लोग समाज को batna चाहते हैं
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UGC नियमों पर क्यों मचा है कोहराम?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को 'Promotion of Equity' रेगुलेशन अधिसूचित किया है। विवाद की मुख्य वजह रेगुलेशन 3(1)(c) है, जिसमें जातिगत भेदभाव की परिभाषा को केवल SC, ST और OBC वर्गों तक सीमित रखा गया है। रखी गई है sc st वर्ग तक ही सीमित बता रहे हैं आप इनके नियमों को अच्छी तरह पढ़ो तभी आपको समझ में आएगा
सवर्णों की आपत्ति:
सामान्य वर्ग के छात्रों का कहना है कि यदि उनके साथ कोई भेदभाव होता है, तो नए नियमों के तहत वे शिकायत तक दर्ज नहीं करा पाएंगे। छात्रों का कहना है कि हमें गलत तरीके से फंसा सकते हैं सरकार सिर्फ sc st OBC वर्ग के लिए सोच रही है सरकार जातिवाद फैला रहा है
इस्तीफों का दौर:
इस कानून के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया था, जिन्हें अब सरकार ने निलंबित कर दिया है। वहीं बीजेपी के कई सवर्ण नेता और एमएलसी भी पार्टी के रुख से नाराज दिख रहे हैं। इस act के तहत बहुत लोग पार्टी से नाराज चल रहे हैं
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कुमार विश्वास और विपक्षी दलों का रुख
डॉ. कुमार विश्वास के "अभागा सवर्ण" वाले ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर #UGC_RollBack ट्रेंड कर रहा है। दूसरी ओर, किसान नेता राकेश टिकैत ने भी इस एक्ट को "समाज को बांटने वाला" करार दिया है। विपक्षी दल अभी इस मुद्दे पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, क्योंकि वे किसी भी वर्ग को नाराज नहीं करना चाहते।
Historical Context: 2012 के पुराने भेदभाव-रोधी नियमों और 2026 के नए नियमों का महत्वर्ण है 2012 से 2026 तक बहुत बदल गया है ये प्रमुख हैं
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