उत्तर प्रदेश में 'युद्ध' जैसा माहौल! बना रहेगा आज शाम 6 बजे पूरे प्रदेश में होगा 'ब्लैकआउट', बजेंगे सायरन; चारों तरफ होगी पुलिस जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान

 Live Update 24 India (लखनऊ डेस्क):

दोस्तों आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था ओर आपातकालीन व्यवस्था को परखने के लिए अचानक मॉक ड्रिल की गई थी आपको बता दे जनवरी महीने में एक बड़ा युद्ध अभ्यास किया गया था नेताजी सुभाष चंद्र को की जयंती ओर पराक्रम दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 75 जिलों में मॉक ड्रिल करवाई गई थी जब मॉक ड्रिल हुई तभी सारे घरों की लाइट को बंद कर दी गई थी ओर सभी जगहों पर ब्लैकआउट भी किया गया था आपको बता दे ये भारत के लिए रोचक दिन था मॉक ड्रिल से चारों ओर युद्ध की स्थिति थी ओर अफरा तफरी मच गई थी 



Security Mock Drill Uttar Pradesh
मॉक ड्रिल उत्तर प्रदेश google photo 


शाम 6 बजे थम गई थी प्रदेश की रफ्तार

आपको बता दे प्रशासन के निर्देश के पश्चात 23 जनवरी 2026 को साम 6 बजे हवाई की चेतावनी से सायरन बजाया गया ऐसी स्थिति हो गई कि सच में हमला हो गया था इससे चारों तरफ अफरा तफरी मच गई लोग डर गए थे ये 2 मिनट एक ऐसी स्थिति बन गई थी 2 मिनट तक सायरन बजता रहा ओर प्रदेश की बिजली काट दी गई थी प्रशासन ने निर्देश दिए थे ओर चारों तरफ अंधेरा छा गया था आपको बता दे ये जो मॉक ड्रिल से हमला ये दुश्मन के हमलों से बचने के लिए ओर नागरिकों को बचाने के लिए तैयारी शुरू की गई थी आपको पता ही है दुश्मन कैसे हम पर नजर लगाए रहते हैं कि मौका मिलते ही हमला करे ये मुहिम अच्छी थी

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क्या होगा इस मॉक ड्रिल के दौरान?

दोस्तों आपको बता दे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस लाईन में इसका सफल परीक्षण किया गया था आपको बता दे ये सायरन बजाया गया था इसका पहले से ही अभ्यास किया गया था मॉक ड्रिल के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों की गई थी।

ब्लैकआउट:- दोस्तो जब सायरन बजाया गया था तब सारी घरों ओर दुकानों ओर संस्थाओं की लाइट बंद कर दी गई थी 


रेस्क्यू ऑपरेशन :-  इसका उद्वेश्य बमबारी की स्थिति में घायलों को बचाने ओर आग बुझाना और मलबे में दबे लोगों को बचाना था 

तालमेल की जांच:- इसमें सिविल डिफेंस, पुलिस, NDRF, SDRF, फायर बिग्रेड ओर अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों में समन्वय के साथ मिलकर काम करना 

अस्पताल में इमर्जेंसी सेवा:-  हालांकि आम जनता के लिए बिजली काट दी गई थी  लेकिन अस्पताल ओर इमर्जेंस सेवा के लिए चालू थी

आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

सरकार और नागरिक सुरक्षा विभाग ने लोगों से इस अभ्यास में सहयोग करने की अपील की है:

शाम 6 बजे सायरन सुनते ही अपने घरों की लाइटें बंद कर दें।

ब्लैकआउट के दौरान टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट या माचिस का प्रयोग न करें।

घबराएं नहीं, यह केवल एक अभ्यास (मॉक ड्रिल) है।

सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहन न चलाएं।

एक्सपर्ट राय: क्यों जरूरी है यह अभ्यास?


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सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती अफरा तफरी होती हैं इस मॉक ड्रिल से न केवल सुरक्षा एजेंसियों का रिस्पांस टाइम सुधारना होता है बल्कि आम जनता की को भी पता चले कि खुद को कैसे सुरक्षित रखें और अपने परिवार को कैसे बचाएं


निष्कर्ष:- 

दोस्तों आपको बता दे जो जनवरी महीने में मॉक ड्रिल के माध्यम से खुद की की तैयारियों को परखा गया था वो बहुत जरूरी था असल में उत्तर प्रदेश में 75 जिलों जो किया गया वो काम काफी सराहनीय कार्य था अपनी तैयारियों को परखा अच्छी बात है दुश्मन के हमलों की पहले से तैयारी करना अच्छी बात है 

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