चुनावों से पहले सरकार का ‘मास्टर स्ट्रोक’, 35 लाख किसानों को दिया सबसे बड़ा तोहफा
जयपुर:
राजस्थान में आगामी निकाय और उपचुनावों की आहट के बीच भजनलाल सरकार ने अपना सबसे बड़ा 'ट्रंप कार्ड' चल दिया है। वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट 2025-26 में किसानों के लिए जो घोषणाएं की गई हैं, उन्हें सियासी गलियारों में सरकार का 'मास्टर स्ट्रोक' माना जा रहा है। सरकार ने प्रदेश के करीब 35 लाख किसानों को सीधे तौर पर साधने के लिए खजाना खोल दिया है, जिसमें ब्याज मुक्त कर्ज से लेकर सम्मान निधि में बढ़ोतरी तक शामिल है।
सरकार की इस पहल से बहुत गरीब किसानों को राहत मिलेगी भजनलाल सरकार ने बजट 2025_26 में किसानों के लिए जो घोषणाएं की है वो सब आमजनता के लिए काफी राहत प्रदान करेगी आपकी बता दे दिया कुमारी ने बजट पेश किया था ये उपचुनावों से पहले सरकार ने ट्रंप कार्ड चला दिया है अगर से सही से चला तो सरकार के लिए उपचुनावों में बल्ले बल्ले हो जाएगी सरकार ने करीब 35 लाख किसानों को सीधा खजाना खोल दिया है सरकार ने जिसमें ब्याज मुक्त से लेकर किसान सम्मान निधि बढ़ोतरी शामिल है
ब्याज मुक्त कर्ज की सबसे बड़ी सौगात
इस बजट की सबसे चमकीली घोषणा ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त फसली ऋण है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों को खेती-किसानी के लिए बिना किसी ब्याज के पैसा उपलब्ध कराया जाएगा।
सीधा फायदा: छोटे और सीमांत किसान, जो अक्सर साहूकारों के चंगुल में फंस जाते थे, अब सीधे बैंक से मदद ले सकेंगे।
बजटीय प्रावधान: इस ऋण पर लगने वाले ब्याज को चुकाने के लिए सरकार ने अपने बजट में ₹768 करोड़ अलग से रखे हैं, ताकि किसानों पर एक पैसे का भी बोझ न पड़े।
इस बजट में महत्वपूर्ण घोषणा ये है कि ब्याज मुक्त कर्ज ये बड़ी सौगात है इसमें 25,000 करोड़ ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा इसका मुख्य उद्वेश्य इसमें राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों को खेती बाड़ी के लिए बिना ब्याज के कर्ज दिया जाए
इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा पहले कर्ज लेने के लिए किसान अक्सर साहूकार चुगलखोर में फंस जाते थे इससे सीधे बैंक से मदद मिलेगी किसानों को किसी चुगलखोर के पास जाने की आवश्यकता नहीं है
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किसान सम्मान निधि: ₹12,000 का सुरक्षा कवच
सरकार ने केवल कर्ज ही नहीं, बल्कि किसानों के हाथ में नकद पैसा (Cash in Hand) पहुँचाने की भी पुख्ता व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब राजस्थान के पात्र किसानों को हर साल ₹12,000 की सहायता मिलेगी।
पहले राज्य सरकार अपनी ओर से ₹3000 देती थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
यह राशि किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
12000 का सुरक्षा कवच सरकार केवल कर्ज ही नहीं बल्कि किसानों के हाथ में पैसे नगद हाथ में देने की मुहिम चलाई है किसानों के हाथ में पैसे पहुंचने की पुख्ता व्यवस्था की हैं प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के अब राजस्थान के पात्र किसानों को हर साल 12 हजार की व्यवस्था की हैं पहले ये 3 हजार दिए जाते थे अभी इसको बढ़ाकर 12 हजार कर दिया है
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गोपालकों के लिए 'गोपाल क्रेडिट कार्ड'
खेती के साथ-साथ पशुपालन करने वाले परिवारों के लिए भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य के 2.50 लाख गोपालक परिवारों को अब बिना ब्याज के कर्ज मिलेगा। इसके लिए ₹150 करोड़ का ब्याज अनुदान प्रस्तावित किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सरकार सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं रही वो खेती के साथ साथ गोपालको के लिए पशुपालकों के लिए 2.50 लाख गोपालको के लिए बिना ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा इसके लिए 150 करोड़ ब्याज अनुदान प्रस्ताव किया गया वो
तारबंदी और मुफ्त बीज: फसलों की सुरक्षा का इंतजाम
किसानों की एक बड़ी समस्या आवारा पशुओं द्वारा फसल बर्बाद करना है। इसके समाधान के लिए सरकार ने तारबंदी योजना के बजट में भारी बढ़ोतरी की है।
अब 50,000 किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
नियमों को सरल बनाते हुए अब छोटे समूहों (मात्र 7 किसानों के समूह) को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
साथ ही, 2.50 लाख किसानों को दलहन और तिलहन के मिनिकिट (मुफ्त बीज) बाँटने का भी लक्ष्य रखा गया है।
सिंचाई के लिए ₹9,300 करोड़ का 'राम जल सेतु'
पानी की कमी से जूझ रहे राजस्थान के किसानों के लिए सरकार ने 'राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' की घोषणा की है। इस पर ₹9,300 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, 50,000 नए सोलर पंप सेट लगाने के लिए ₹900 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को दिन में भी बिजली मिल सकेगी और सिंचाई की लागत कम होगी।
निष्कर्ष: क्या यह वाकई मास्टर स्ट्रोक है?
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावों से ठीक पहले किसानों को दी गई ये रियायतें विपक्ष के मुद्दों की हवा निकाल सकती हैं। जहाँ एक ओर कर्ज माफी की मांग उठ रही थी, वहीं सरकार ने 'ब्याज मुक्त कर्ज' और 'बढ़ी हुई सम्मान निधि' के जरिए किसानों के एक बड़े वर्ग को संतुष्ट करने की कोशिश की है। यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर होता है, तो यह आने वाले चुनावों में सत्ता पक्ष के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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