विजय माल्या कब लौटेंगे भारत? बॉम्बे हाई कोर्ट के सवाल पर 'किंगफिशर' मालिक ने दिया यह जवाब
अंतर्राष्ट्रीय
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मुंबई:
भारत के बैंकों का हजारों करोड़ रुपये लेकर विदेश भागने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या एक बार फिर कानूनी सुर्खियों में हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट में चल रही एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान विजय माल्या की ओर से पेश हुए वकीलों ने उनकी भारत वापसी को लेकर स्थिति साफ करने की कोशिश की, लेकिन उनके जवाब ने भारतीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। माल्या ने अदालत को सूचित किया है कि वे वर्तमान में यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि वे कब भारत लौट पाएंगे।ओर उनके वकील ने कहा कि इसके बारे में हम पुख्ता जवाब नहीं दे सकते क्योंकि ये कानूनी कार्यवाही है ये कितने दिन चले इसका कोई समय नहीं है इसीलिए विजय माल्या कब तक वतन वापस आएंगे कहना थोड़ा मुश्किल है आपको बता दे विजय माल्या केस के ऊपर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक केस की सुनाई चल रही है इसके लिए उनके वकील आए थे उन्होंने कहा कि उनके आने की कोई पुख्ता साफ जवाब नहीं दे सकते हैं इसको लेकर भारत की एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है देखते हैं आगे क्या होता है इस मामले में
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हाई कोर्ट की नाराजगी और माल्या की दलील
बॉम्बे हाई कोर्ट में विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्तियों को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' (FEO) कानून के तहत जब्त किए जाने को चुनौती दी है। अदालत ने जब माल्या के वकीलों से उनकी भारत वापसी की संभावित तारीख पूछी, तो जवाब मिला कि यह अभी अनिश्चित है।आपको बता दे सरकार ने उनकी संपति को जब्त करने का आदेश दिए परंतु विजय माल्या ने कहा था कि मैं अपनी संपत्ति जब्त नहीं करने दूंगा क्योंकि वह मेरा कानूनी अधिकार है इसी मामले पर विजय माल्या पर मुंबई हाईकोर्ट पर कोर्ट पर एक केस चल रहा है इसी के लिए विजय माल्या के वकील को कोर्ट बुलाया गया और उनसे पूछा गया कि आखिरकार वह वतन वापस कब आयेंगे माल्या के वकीलों ने अदालत को बताया कि ब्रिटेन में कुछ 'गोपनीय कानूनी प्रक्रियाएं' (Confidential Legal Proceedings) चल रही हैं। जब तक वे प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक माल्या भारत की यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि, ये गोपनीय प्रक्रियाएं क्या हैं, इसका खुलासा न तो ब्रिटिश सरकार ने किया है और न ही माल्या की कानूनी टीम ने।हाई कोर्ट ने विजय मालिया के वकील से पूछा कि वह अपने वतन वापस क्यों नहीं आ रहे हैं तब उनके वकील ने कहा कि उनके ऊपर ब्रिटेन मैं कोई गोपनीय कानूनी प्रक्रिया चल रही है जिसके कारण वह अपने वतन वापस नहीं आ सकते वह प्रक्रिया पूरी होने के के बाद ही वह अपने वतन वापस लौट पाएगे
9,000 करोड़ का कर्ज और 8 साल का इंतजार
विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसे उन्होंने किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिया था। मार्च 2016 में जब जांच एजेंसियों का शिकंजा कसा, तो माल्या चुपके से देश छोड़कर लंदन चले गए। तब से लेकर आज तक भारतीय एजेंसियां (ED और CBI) उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कानूनी पेचीदगियों के कारण उन्हें अब तक सफलता नहीं मिली है।
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दोस्तों आपको बता दे विजय माल्या पर बहुत कर्जा है विजय माल्या उन पैसों से एयरलाइंस का शुभारंभ किया था जब विजय माल्या पर जांच हुई तो वो 2016 में भारत छोड़ दिया ओर लंदन चले गए थे चोरी छुपे उस समय से अभी तक भारत नहीं आए हैं
क्या प्रत्यर्पण की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है?
ब्रिटेन की अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण (Extradition) को पहले ही हरी झंडी दे दी थी, लेकिन अंतिम मुहर वहां की गृह मंत्रालय को लगानी थी। इसी बीच माल्या ने किसी गुप्त कानूनी मामले (संभवतः राजनैतिक शरण) की आड़ ले ली है। बॉम्बे हाई कोर्ट में उनके ताजा बयान से यह साफ हो गया है कि वे फिलहाल भारत लौटने की किसी भी योजना में नहीं हैं।आपको बता दे ब्रिटेन अदालत ने उन्हें अपने देश जाने के लिए पहले ही बोल दिया था परंतु विजय माल्या ने गुप्त कानून की प्रक्रिया के तहत वह अपने देश नहीं आ पा रहे है मुंबई हाई कोर्ट के ताजा बयान के अनुसार वह अपने देश नहीं आ पाएंगे ऐसे में भारतीय एजेंसी की दुविधा और बढ गई है
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संपत्तियों की जब्ती और नीलामी
भारत सरकार ने माल्या को 'भगोड़ा' घोषित कर उनकी कई संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इनमें से कई संपत्तियों को बेचकर बैंकों ने अपने कर्ज का कुछ हिस्सा वसूल भी किया है। लेकिन माल्या लगातार इन कार्यवाहियों को अदालतों में चुनौती दे रहे हैं। हाई कोर्ट अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या एक अपराधी के न लौटने की स्थिति में उसकी पूरी संपत्ति को जब्त करना न्यायसंगत है या नहीं।दोस्तों आपको बता दे भारत सरकार द्वारा जब उनकी संपति को नीलम किया गया तो वह कोर्ट में और वह अपने इस मामले को लेकर कोर्ट में चले गए और कहा कि क्या मेरी संपत्ति को नीलाम करना सही बात है बहुत दिनों से इस बात पर कोर्ट पर चर्चा चल रही थी
निष्कर्ष :-
विजय माल्या का ताजा जवाब यह साफ करता है कि वे लंदन में बैठकर भारतीय न्याय व्यवस्था के साथ 'लुका-छिपी' का खेल खेल रहे हैं। भारतीय एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे किस तरह ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाकर इस भगोड़े कारोबारी को कानून के कठघरे में खड़ा करती हैं।
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