पूर्व IPS अमिताभ दास गिरफ्तार: विवादों से रहा है पुराना नाता, जानें सलाखों के पीछे पहुँचने की असली वजह

लेखक :- jitendra kumar  


Former IPS Amitabh Das arrested by Patna Police in old criminal case
पूर्व IPS अमिताभ दास 

                                                                                    


पटना:

बिहार कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई बयान नहीं बल्कि उनकी गिरफ्तारी है। पटना पुलिस ने एक पुराने मामले में कार्रवाई करते हुए अमिताभ दास को गिरफ्तार कर लिया है। अपनी बेबाक बयानबाजी और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मशहूर अमिताभ दास का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों इस अधिकारी की गिनती बिहार के सबसे विवादित अफसरों में होती रही है। अमिताभ दास को पुराने मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है आपको बता दे अमिताभ दास ips के पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं अभी वो सेवानिवृत्त है पुलिस ने पुराने मामले की जांच करते हुए उनको गिरफ्तार कर लिया है अमिताभ दास ips अपने बयानबाजी को ले कर हर वक्त सुर्खियों में रहते हैं फिलहाल वो जो गिरफ्तार हुए हैं वो बयान देने की वजह से नहीं वो अपने पुराने मामले को ले कर पुलिस ने उन पर कार्यवाही करते हुए उनके घर से उनको गिरफ्तार कर लिया है उन पर कोई पुराना मामला चल रहा था 


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क्यों हुई अमिताभ दास की गिरफ्तारी?

मिली जानकारी के अनुसार, अमिताभ दास की गिरफ्तारी एक पुराने आपराधिक मामले (SC-ST एक्ट या मानहानि से जुड़ा मामला, संदर्भानुसार) में कोर्ट द्वारा जारी वारंट के आधार पर की गई है। पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी और आखिरकार उन्हें पटना स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आपको बता दे जब वो अपने ips पद पर थे उस समय का मामला था जिसको ips अमिताभ दास को दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला था उन पर पुराना मामला था वो था sc st एक्ट मानहानि से जुड़ा हुआ है उसके चलते हुए उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट निकला ओर पुलिस के काफी मुश्किलों के बाद उनको उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है उनको उसके आवास पटना में स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है 

विवादों का लंबा इतिहास: जब अपनी ही सरकार को घेरा

1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास का करियर हमेशा से ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने समय-समय पर बिहार सरकार और बड़े राजनेताओं पर गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैलाई है।

नेताओं पर आरोप: उन्होंने बिहार के कई दिग्गज नेताओं पर नक्सलियों और अपराधियों के साथ संबंध होने के आरोप लगाए थे, जिसकी वजह से वह हमेशा सरकार की आंखों की किरकिरी बने रहे।

नित्यानंद राय विवाद: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के खिलाफ दिए गए उनके एक बयान ने काफी तूल पकड़ा था, जिसके बाद उन पर कानूनी शिकंजा भी कसा गया था।


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जबरन रिटायरमेंट (Compulsory Retirement)

अमिताभ दास के रिकॉर्ड और बार-बार अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के कारण, केंद्र सरकार ने उन्हें साल 2018 में 'जबरन रिटायर' (Compulsory Retirement) कर दिया था। सरकार का मानना था कि उनका आचरण एक पुलिस अधिकारी के योग्य नहीं है। हालांकि, रिटायरमेंट के बाद भी वह 'सोशल मीडिया वॉरियर' बने रहे और लगातार व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे।आपको बता दे IPS अमिताभ दास को जबरन उनके पद से रिटायर कर दिया था सरकार/केंद्र सरकार का कहना था कि वो पुलिस अधिकारी के योग्य नहीं हैं इसलिए उनको रिटायर किया गया था जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर वॉरियर बनकर सरकार पर सवाल उठाए थे

स्वर्ण सेना और अन्य विवाद

अमिताभ दास ने रिटायरमेंट के बाद 'स्वर्ण सेना' जैसे संगठनों के माध्यम से अपनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता बढ़ानी चाही। वह अक्सर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नए-नए खुलासे करने का दावा करते थे। आलोचकों का कहना है कि वह सुर्खियों में रहने के लिए विवादित बयान देते हैं, जबकि उनके समर्थकों का मानना है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिली है।

आपको बता दे IPS अधिकारी अमिताभ दास ने रिटायरमेंट के बाद भी स्वर्ण सेना ओर अन्य संगठनों के माध्यम से वो राजनीति में सक्रिय रहे थे वह अक्सर समय समय पर प्रेसकॉन्फ्रेंस में के माध्यम से नए नए खुलासे करने का दावा करते थे आलोचकों का कहना था कि वो अपने विवादित बयान दे कर सुर्खियों में रहना चाहते हैं जबकि उनके समर्थकों का कहना था कि उनको सच बोलने की सजा मिली 

पटना पुलिस की कार्रवाई और आगे क्या?

अमिताभ दास की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और वारंट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। वहीं, अमिताभ दास के समर्थकों ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। अब देखना यह होगा कि कोर्ट से उन्हें जमानत मिलती है या उन्हें लंबे समय तक जेल की हवा खानी पड़ेगी। IPS अमिताभ दास को उनके आवास से गिरफ्तार करने के पश्चात अदालत में पेश किया गया जहां पुलिस का बयान सामने आया है पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए समान है अरेस्ट वारंट के बाद ही उनको गिरफ्तार किया गया है ये एक कानूनी और लीगल कारवाही है जबकि उनके समर्थक सरकार पर वार करते हुए कहा कि ये राजनीति की गई है उनको फसाया गया है 

निष्कर्ष

अमिताभ दास की कहानी एक ऐसे अधिकारी की कहानी है जिसने व्यवस्था के अंदर रहकर व्यवस्था से ही लड़ने की कोशिश की, लेकिन इस प्रक्रिया में वह खुद विवादों के जाल में फंसते चले गए। बिहार की राजनीति और अपराध जगत की कड़वी सच्चाईयों को उजागर करने का दावा करने वाले अमिताभ दास आज खुद कानून के शिकंजे में हैं। 


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